मुक्ति पाना बहुत आसान है

मोक्ष के बाद कोई कहीं नहीं जाता इसी धरती पर रहता है बस मोक्ष प्राप्ति के बाद हम हर पल को ध्यान से जीते हैं और वर्तमान के हर पल को ध्यानपूर्वक देखते हैं समझते हैं मुझे लगता है यही मोक्ष है अगर तुम भी हर एक पल में जीना सीख जाओ तो तुम्हें भी ऐसा लगेगा जैसे कि तुम भी मोक्ष प्राप्त कर चुके हो हमने बहुत बार देखा है कि हम दो 4 मिनट के बाद कहीं सोचने लग जाते हैं।

हम लोग ज्यादातर 24 घंटे में भूतकाल के बारे में सोचते हैं या भविष्य काल के बारे में सोचते हैं अगर तुम वर्तमान काल में जीना सीख जाओ तो तुम्हें सब कुछ अच्छा लगने लगेगा और तुम खुश रहोगे और यही असलियत में मोक्ष है।

मोक्ष के बाद हम स्वर्ग जाते है जोकी गलत है यदि व्यक्ति मोक्ष को प्राप्त होगा तो वह अक्षत धाम जाएगा अर्थात परम् धाम ईश्वर का निवास जहाँ से व्यक्ति का पुनः जन्म नही होता है क्योंकि वह ईश्वर में निवास करता है नोट:- स्वर्ग में व्यक्ति अपने विशेष अच्छे कार्यो के लिए जाता है फिर उसके अच्छे कर्म के समाप्त होने पर वह पुनः मृत्यु लोक में आता है अर्थात पृथ्वी पर ‘मोक्ष ओर स्वर्ग जाने में अंतर है’

वेदों में प्रमाण है मनुष्य अपने जीवन में तत्वदर्शी संत से नाम दीक्षा प्राप्त करके और उनके द्वारा बताई गई भक्ति विधि से मोक्ष प्राप्त कर सकता है और मोक्ष प्राप्त करने के बाद वह साधक सतलोक चला जाता है जहां जाने के बाद साधक का जन्म और मृत्यु चक्कर सदा के लिए समाप्त हो जाता है l

इस समय धरती पर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ही ऐसे संत हैं जिनसे नाम दीक्षा प्राप्त करके और भक्ति करने से जन्म मृत्यु का रोग सदा के लिए समाप्त हो जाएगा l हम अपने निजी स्थान सतलोक चले जाएंगे l

अधिक जानकारी के लिए अवश्य सुने सत्संग देखें "साधना टीवी" 7:30 pm to 8:30 pm.

और पढ़ सकते हैं जीने की राह पुस्तक,

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