समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज

➢ दहेज प्रथा एक सामाजिक बीमारी है जो की आज कल समाज में काफी रफ़्तार पकडे गति कर रहा है| ये हमारे जीवन के मकसद को छोटा कर देने वाला प्रथा है| ये प्रथा पूरी तरह इस सोच पर आधारित है, की समाज के सर्व श्रेष्ठ व्यक्ति पुरुष ही हैं और नारी की हमारे समाज में कोई महत्व भी नहीं है|
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➢ आश्चर्य तो तब होता है जब कोई पिता अपने पुत्र के विवाह पर दहेज की माग करता है परंतु जब वही अपनी पुत्री का विवाह करता है तो दहेज विरोधी बन जाता है ।
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➢ दहेज प्रथा समाज की बीमारी है|इस बीमारी ने न जाने कितने ही परिवारों की खुशियों को मिटा दिया है| 

➢ दहेज प्रथा लालच का नया उग्र-रूप है जो की एक दुल्हन की जिंदगी की वैवाहिक, सामाजिक, निजी, शारीरिक, और मानसिक क्षेत्रों पर बुरा प्रभाव डालता है
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➣ दहेज प्रथा को बढ़ावा देने में समाज की ही अहम् भूमिका है|वह समाज ही है जो की दहेज प्रथा की जड़ को मजबूत कर रही है|
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दहेज प्रथा केवल दहेज मुक्त शादी से ही संभव है जो कि संत रामपाल जी महाराज ही कर सकते हे



स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए हमें संत रामपाल जी महाराज जी से नाम  दीक्षा लेकर उनके नियमों पर चलते हुए विवाह में होने वाले पाखंड कुर्तियों को समाज से खत्म करना है।
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अगर आप भी  भारत को दहेज मुक्त देखना चाहते हैं तो संत रामपाल जी महाराज के इस अभियान में सहयोग देकर भारत को दहेज मुक्त बनाने में  हमारा सहयोग करें
अधिक जानकारी के लिए देखें 
साधना टीवी शाम 7:30 से
ईश्वर टीवी रात्रि 8:30 

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